BURNING NEWS✍️RAJESH SHARMA
विवाद बढ़ने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में कहा गया कि उनका बयान सामाजिक सौहार्द के लिए ‘हानिकारक’ है और यह अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 तथा अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 का उल्लंघन है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि सात दिन में जवाब नहीं देने पर एकतरफा विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके एक दिन बाद, बुधवार देर रात सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
एक वरिष्ठ मंत्रालय अधिकारी ने कहा कि कोई भी सिविल सर्वेंट, चाहे किसी भी रैंक का हो, संवैधानिक नीतियों की ऐसी सार्वजनिक आलोचना नहीं कर सकता जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित होता हो। गौरतलब है कि संतोष वर्मा काफी विवादित अफसर रहे हैं। इसे लेकर वह जेल भी जा चुके हैं।
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मध्य प्रदेश के IAS अफसर संतोष वर्मा अपने एक विवादास्पद बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं. उनके इस बयान पर अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसके बाद वर्मा ने खेद व्यक्त किया है. हालांकि, इस नए विवाद ने उनके पुराने आपराधिक मामलों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोपों को एक बार फिर से सतह पर ला दिया है.