चंडीगढ़, 17 जुलाई पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब दौरा राज्य के हर वर्ग के लिए निराशाजनक रहा, क्योंकि उन्होंने पंजाब का जायज़ वित्तीय फंड बकाया जारी करने की घोषणा करने के बजाय राजनीति करना ज़्यादा पसंद किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग प्रधानमंत्री से राज्य का बकाया जारी करने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन वह राजनीतिक बयान देते रहे और इस मुद्दे पर चुप रहे। वित्त मंत्री ने कहा कि आप सरकार ने साढ़े चार साल में लोगों से किए सभी पांच वादे पूरे कर दिए हैं, इसके उलट, भाजपा-अकाली सरकार ने अपने दस साल के राज में पंजाब को बर्बाद कर दिया। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह भी कहा कि पिछली भाजपा-अकाली सरकार ने चिट्टा और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी को फलने-फूलने दिया, जबकि भगवंत मान सरकार ने युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान चलाया और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट' बनाया। मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से बहुत उम्मीदें थीं। पंजाब को उम्मीद थी कि उसका जायज़ बकाया मिलेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ़ राजनीति करने पंजाब आए। उन्होंने पंजाब के बकाए के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।” वित्त मंत्री ने कहा, “पीएम मोदी ने भाजपा की डबल इंजन सरकार की बात की थी। भाजपा राम मंदिर के नाम पर वोट मांगकर सत्ता में आई थी। आज भाजपा ने राम मंदिर से ही चोरी कर ली है। भक्त श्रद्धा से मंदिर गए और दान और कीमती चढ़ावा चढ़ाया, लेकिन उत्तर प्रदेश में चंदे के तौर पर इकट्ठा किए गए सैकड़ों करोड़ रुपये चोरी हो गए। पीएम मोदी पंजाब आकर करप्शन की बात करते हैं, लेकिन पूरा देश जानता है कि भाजपा ने मंदिरों और धार्मिक जगहों से पैसे चुराना शुरू कर दिया है।” उन्होंने कहा, “दशकों बाद पंजाब को उसका बेटा, एक आम आदमी, सरदार भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री के तौर पर मिला है। सरकार बनाने से पहले हमारे नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों को पांच गारंटी दी थीं। आज आप पंजाब के राजनीतिक इतिहास में पहली पार्टी बन गई है जिसने साढ़े चार साल के अंदर सभी पांच गारंटी पूरी कर दी हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इन कामयाबियों से निराश होकर पीएम मोदी ने हम पर झूठे, बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग जानते हैं कि पिछले साढ़े चार साल से यह सरकार हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली दे रही है। पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। हमने अपने टीचरों को ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईटी भेजा है। आज सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को जाने-माने इंस्टीट्यूशन में एडमिशन मिल रहा है।” मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा, “पंजाब ने ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ लागू की है जो 10 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर देती है। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले आर्म्ड फोर्स और पंजाब पुलिस के जवानों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। हमने ‘मान-ध्यान सत्कार योजना’ भी लागू की है जिसके तहत दलित महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और दूसरे तबके की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलते हैं।” पिछली सरकारों से तुलना करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पीएम मोदी ने डबल इंजन सरकार की बात की थी। पंजाब में 2007 से 2017 तक डबल इंजन सरकार थी, जब भाजपा अकाली दल सरकार में बराबर की पार्टनर थी। उन दस सालों में भाजपा-अकाली सरकार ने पंजाब को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।” उन्होंने कहा, “भाजपा-अकाली सरकार के दौरान ही पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का दौर शुरू हुआ था। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट’ लाई है। उन्होंने बेअदबी की, जबकि हम बेअदबी रोकने के लिए कानून लाए हैं। उन्होंने नशे फैलाए, जबकि हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान चलाया है।” मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान राज्य का बकाया फंड जारी करेंगे। उन्होंने कहा, “पिछले साल बाढ़ के बाद पंजाब सरकार ने केंद्र से 20,000 करोड़ रुपये मांगे थे। पीएम मोदी ने 1,600 करोड़ रुपये का ऐलान किया था, लेकिन उस ऐलान का एक भी रुपया पंजाब के खजाने में नहीं पहुंचा है। पंजाब का आरडीएफ का बकाया रोक दिया गया है। पंजाब की मंडी फीस का बकाया भी इसलिए रोक दिया गया है क्योंकि भाजपा तीन काले खेती के कानून लाई थी और पंजाब के किसानों ने उन कानूनों का विरोध करने में सबसे आगे रहकर काम किया था। आज भाजपा पंजाब के किसानों और व्यापारियों से बदला ले रही है।” उन्होंने आगे कहा, “पूरे पंजाब को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब का बकाया लाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक तरफ पंजाब का जायज़ बकाया रोका जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सीएम भगवंत सिंह मान की सरकार लगातार पंजाब के विकास के लिए काम कर रही है।” भगवंत मान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “साढ़े चार साल से लगातार 300 यूनिट फ्री बिजली दी जा रही है। पंजाब के युवाओं को पूरी मेरिट के आधार पर 68,000 से ज़्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पूरे राज्य में करीब 45,000 किलोमीटर सड़कें बनाई या अपग्रेड की जा रही हैं। गांवों में 3,000 खेल के मैदान पहले ही पूरे हो चुके हैं और 6,000 और खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। GVK थर्मल प्लांट को खरीदकर पंजाब और उसके लोगों की संपत्ति बना दिया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के इतिहास में और शायद देश के इतिहास में पहली बार हाई कोर्ट में सरकारी वकीलों के लिए रिजर्वेशन दिया गया है। सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह पक्का कर रही है कि नहर का पानी हर किसान के आखिरी खेत तक पहुंचे।” कैपिटल इन्वेस्टमेंट का ज़िक्र करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पीएम मोदी ने दावा किया कि पंजाब में कोई डेवलपमेंट नहीं हुआ है। अकाली दल-भाजपा सरकार के दौरान, पांच साल में कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर करीब Rs 12,000 करोड़ खर्च किए गए थे। 2017 से 2022 तक कांग्रेस सरकार के दौरान, यह आंकड़ा करीब Rs 19,000 करोड़ था। जब से आम आदमी पार्टी ने सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बनाई है, तब से स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, खेल के मैदानों और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब Rs 55,000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जा रहा है।” मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पीएम मोदी जालंधर आए और पंजाब का दौरा किया, लेकिन आखिर में उन्होंने पंजाब के हर वर्ग को निराश किया।” एक सवाल के जवाब में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब सरकार का हर रुपया लोगों की भलाई के लिए खर्च होता है। पंजाब का एक बड़ा हिस्सा पीएम मोदी की सरकार ने रोक रखा है। हमारे मुख्यमंत्री कई बार केंद्रीय गृह मंत्री से मिल चुके हैं। हम केंद्रीय वित्त मंत्री से भी मिल चुके हैं और मैंने खुद भी कई मौकों पर यह मुद्दा उठाया है। हर मीटिंग में हमने पंजाब का आरडीएफ का बकाया जारी करने की मांग की है, लेकिन आज तक भाजपा की केंद्र सरकार ने हमारी मांग पर कोई एक्शन नहीं लिया है।”