भगवंत मान सरकार की ‘कृषि अवसंरचना निधि’ योजना किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर ऋण दिलाने में मदद कर रही है
चंडीगढ़ (14 अक्टूबर) : पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और इसलिए किसान ही इसकी रीढ़ हैं। इसी बात को समझते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्ज पर निर्भर किसानों के लिए एक अनूठा समाधान निकाला है। भगवंत मान सरकार ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरुआत की है, जिसके जरिए पंजाब के किसान … Read…
Rajesh Sharma14 Oct 2024 • 3 min read • 2,250 views
चंडीगढ़ (14 अक्टूबर) : पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और इसलिए किसान ही इसकी रीढ़ हैं। इसी बात को समझते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्ज पर निर्भर किसानों के लिए एक अनूठा समाधान निकाला है। भगवंत मान सरकार ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरुआत की है, जिसके जरिए पंजाब के किसान सस्ती ब्याज दर पर कर्ज ले सकते हैं। मान सरकार का एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड न सिर्फ किसानों पर से वित्तीय बोझ कम कर रहा है, बल्कि भारत में किसानों द्वारा आत्महत्या करने के एक बड़े कारण को भी कम कर रहा है। इसका मतलब है कि मान सरकार की AIF योजना न सिर्फ किसानों की आर्थिक मदद कर रही है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी उनकी मदद कर रही है।……पंजाब सरकार किसानों और कृषि के हित में इस योजना के क्रमिक क्रियान्वयन पर पूरी तरह केंद्रित है। इन कदमों के सकारात्मक परिणाम आज राज्य में दिखाई दे रहे हैं। इस योजना के तहत पंजाब राज्य में सबसे अधिक कृषि परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
31 दिसंबर 2023 तक इस योजना के तहत पंजाब के बैंकों द्वारा कुल 8515 प्रोजेक्ट मंजूर किए गए, जिनमें से 7862 प्रोजेक्ट (यानी 92 प्रतिशत प्रोजेक्ट) की कुल लागत 3500 करोड़ से अधिक है। लाभार्थियों को अब तक 2044 करोड़ रुपये के एआईएफ टर्म लोन वितरित किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर कृषि क्षेत्र को विकास के पंख लगेंगे। इससे किसानों को काफी फायदा होगा। नोडल एजेंसी बागवानी विभाग ने योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक राज्य स्तरीय परियोजना निगरानी इकाई (एसपीएमयू) की स्थापना की है। पंजाब सरकार इस योजना को पूरे उत्साह के साथ बढ़ावा देने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है। ये आंकड़े पंजाब सरकार, वित्तीय संस्थानों और अन्य हितधारकों के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाते हैं।
कृषि अवसंरचना निधि हेल्पलाइन नंबर
बागवानी विभाग ने एआईएफ योजना के संभावित लाभार्थियों की मदद के लिए एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन (9056092906) स्थापित की है। इसके माध्यम से लोग योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे मिल रहा है लाभ
कृषि अवसंरचना निधि के अंतर्गत लाभार्थियों को फसलोत्तर प्रबंधन के साथ-साथ अवसंरचना स्थापित करने के लिए 2 करोड़ रुपये के सावधि ऋण पर 7 वर्षों के लिए 3% ब्याज अनुदान दिया जाता है। बैंकों के लिए ब्याज दर 9% है। इस निधि के लाभार्थी विभिन्न स्थानों पर कुल 25 परियोजनाएँ स्थापित कर सकते हैं। लाभार्थी अपने ऋणों पर ऋण और गारंटी का लाभ भी उठा सकते हैं। इसके अलावा, AIF दोहरा लाभ भी प्रदान कर रहा है। इस योजना को अन्य राज्य और केंद्रीय योजनाओं/सहायक कंपनियों के साथ जोड़ा जा सकता है।
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✍ Reporter · Burning News
Rajesh Sharma
The Voice of Truth
Rajesh Sharma is a senior reporter at Burning News, covering Punjab, crime, politics and breaking news — bringing readers fast, factual and fearless ground reporting from across the region.