राजेश शर्मा

चंडीगढ़, 28 नवंबर। पंजाब शिक्षा क्रांति की दहलीज पर खड़ा है. पंजाब में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों से आने वाले समय में शानदार परिणाम मिलेंगे. पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में प्राथमिक, माध्यमिक के साथ उच्च शिक्षा, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम किए जा रहे हैं. पंजाब सरकार का ध्यान सिर्फ स्कूलों, कॉलेजों में संख्या बढाने को लेकर नहीं है, बल्कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि स्कूल, कॉलेज, विश्ववि‌द्यालय में पढ़ने जाने वाले हर विद्यार्थी को समुचित सुविधाएं और गुणवतापूर्ण पढ़ाई मिल सके.

मान सरकार समझ रही शिक्षा का महत्व

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने बड़ा मुकाम हासिल किया है. मान सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा से विदयार्थी को सिर्फ जान नहीं मिलता, बल्कि उनमें आलोचनात्मक सोच विकसित होती है. कॉलेज और विश्ववि‌द्यालयों ने नवाचार को बढ़ावा देने से विद्यार्थियों में तकनीक से लैस न्यू वर्ल्ड में प्रतिस्पर्धा करने की ललक पैदा होती है. वि‌द्यार्थियों की झिड़ाक दूर होली है, वह अपनी आजीविका के बेहतर संसाधन प्राप्त करने में सक्षम होते हैं.

इन सब बातों को ध्यान में रखते ने हुए हुए मान सरकार ने वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है.

मान सरकार पूरे पंजाब में स्कूल, कॉलेजों को चमकाने का काम कर रही है. ताकि सरकारी स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्राइवेट स्कूल, कॉलेजों जैसा अनुभव मिल सके. इसलिए कॉलेर्जा के बुनियादी ढांचे में सुधार, स्किल ओरिएंटेशन प्रोग्राम और खेल सुविधाओं की उपलब्धता के लिए 10 करोड़ रुपये का आवंटन किया है.

फीस में मिल रही रियायत

मान सरकार का उ‌द्देश्य है कि पंजाब की समृ‌द्धि के लिए आवश्यक है, पंजाब के भविष्य का सुधार करना, पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि फीस ना दे पाने की स्थिति में किसी भी विदयार्थी की पढ़ाई ना छूटे. इसलिए मान सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विश्ववि‌द्यालय फीस में रियायत के लिए सौएम छात्रवृत्ति योजना के तहत 6 करोड़ रुपये का आवंटन किया है