पंजाब की औदयोगिक क्रांति में तेजी ला रहा ‘ग्रीन स्टांप पेपर’
राजेश शर्मा चंडीगढ़, 2 दिसंबर। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब विकास के नए मापदंड स्थापित कर रहा है. मान सरकार की औद्योगिक नीतियों से पंजाब में औद्योगिक क्रांति आई है. राज्य में रोजगार के अवसर बनाने के लिए उद्योगों की स्थापना बेहद जरूरी है. इसके लिए मान सरकार ने नई औद्योगिक नी…
Rajesh Sharma2 Dec 2024 • 3 min read • 2,911 views
राजेश शर्मा
चंडीगढ़, 2 दिसंबर। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब विकास के नए मापदंड स्थापित कर रहा है. मान सरकार की औद्योगिक नीतियों से पंजाब में औद्योगिक क्रांति आई है.
राज्य में रोजगार के अवसर बनाने के लिए उद्योगों की स्थापना बेहद जरूरी है. इसके लिए मान सरकार ने नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दी है.
पंजाब का माहौल बदला है. यहां पर नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं. यह संभव हुआ है मान सरकार द्वारा जारी किए गए ‘ग्रीन स्टांप पेपर’ से, जिसने पंजाब में उद्योगों की स्थापना आसान कर दी है.
‘ग्रीन स्टांप पेपर’ से आसान हुई उद्योगों की राह
उद्योग की सुविधा के लिए ‘कलर कोडेड स्टांप पेपर’ को लॉन्च करने वाला पंजाब, भारत का पहला राज्य है। पहले पंजाब में उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिए सीएलयू (सर्टिफिकेट ऑफ लैंड यूज) हासिल करने में महीनों लग जाते थे. पंजाब का नेतृत्व संभालने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उद्योगों की स्थापना में तेजी लाने और उद्योगों को आसानी से मंजूरी देने के उद्देश्य से सेल-डीड सुनिश्चित करने के लिए ‘ग्रीन स्टांप पेपर’ जारी किया है।
निवेशकों को लुभा रहा पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के करिश्माई नेतृत्व में पंजाब निवेशकों का पसंदीदा राज्य बन गया है. पंजाब में 5,000 से अधिक निवेश प्रस्ताव के माध्यम से 80,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद जताई जा रही है. देश की कई प्रमुख कंपनियों ने राज्य में निवेश की रुचि दिखाई
है।
राज्य में सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव पाने वाले जिलों में साहिबजादा अजीत सिंह नगर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब प्रमुख हैं. रियल एस्टेट, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण, ऑटोमोटिव और ऑटो कंपोनेंट्स सहित कई क्षेत्रों के लिए आए इन निवेश प्रस्तावों के जमीन पर उतरने के बाद लगभग 4,00,000 रोजगार और नौकरियों के अवसर बनने की संभावना है.
15 दिन में मिल रही उद्योगों को मंजूरी
पंजाब में ‘ग्रीन स्टांप पेपर’ से छोटी और मध्यम औदयोगिक इकाइयों की राह बेहद आसान हो गई है. पंजाब में औद्योगिक
इकाई लगाने के लिए इन्वेस्ट पंजाब पोर्टल या इन्वेस्ट पंजाब के कार्यालय से ‘ग्रीन स्टांप पेपर’ हासिल किया जा सकता है। इस स्टांप पेपर की खरीद कर वन, सीएलयू, प्रदूषण, अग्नि और उद्योग संबंधी अन्य मंजूरियों के लिए अलग से चार्ज नहीं देना होगा। ऐसे सभी शुल्क ग्रीन स्टांप पेपर की कीमत में ही शामिल हैं।
राज्य में ‘इन्वेस्ट पंजाब’ के दफ्तर में ही तहसीलदार तैनात हैं. जहां एक ही विंडो पर सभी तरह की मंजूरी 15 दिन के भीतर मिल रही हैं। 16वें दिन जमीन की रजिस्ट्री और 17वें दिन भूमि पूजन कर उद्योग लगा सकते हैं।
उद्योगों से बढ़े रोजगार और नौकरियों के अवसर
मान सरकार की बेहतरीन औद्योगिक नीतियों की बदौलत पंजाब में एक लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों का मजबूत आधार तैयार हुआ है.
इनमें 1,057 से अधिक बड़ी और मध्यम इकाइयां जबकि 99,639 से अधिक सूक्ष्म एवं लघु इकाइयां संचालित की जा रही हैं.
उद्योगों की तेजी से हो रही स्थापना से पंजाब में निवेश और उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है. राज्य में तकरीबन 12 लाख नौकरियों का सृजन किया गया है.
मान सरकार की नीतियों और कुशल नेतृत्व से पंजाब में औद्योगिक माहौल तेजी से बदल रहा है. इससे युवाओं के बेहतर भविष्य की नींव रखी जा रही है.
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✍ Reporter · Burning News
Rajesh Sharma
The Voice of Truth
Rajesh Sharma is a senior reporter at Burning News, covering Punjab, crime, politics and breaking news — bringing readers fast, factual and fearless ground reporting from across the region.